On Page SEO क्या है और इसे कैसे करे – Complete Guide 2022

अगर आपने ब्लॉगिंग शुरू की है या करने जा रहे हो तो आप SEO के बारे में थोड़ी बहुत जानकारी रखते होंगे। तो आपने On Page SEO भी जरूर सुना होगा। On Page SEO क्या है और यह आपके ब्लॉग की ट्रैफिक का इससे क्या सबंध है। यह हर ब्लॉगर को जानना जरूरी है जो ब्लॉगिंग में कदम रखने जा रहे है या रख चुके है। इसमें कोई शक नहीं की इंटरनेट पर हज़ारो वेबसाइट्स है जो अच्छा परफॉर्म कर रही है ऐसे में नए bloggers के लिए यह चुनौती बन जाती है की मैं कैसे अपनी वेबसाइट को टॉप पर रैंक करवाऊं।

जो भी नए ब्लॉगर होते है उन्हें इस बारे में जानकारी कम होती है की कैसे हम अपने ब्लॉग या वेबसाइट टॉप पर रैंक करवा सकते है। इसमें उन्हें उन techniques और tips का पता नहीं होता, जिसके अभाव में उनकी वेबसाइट या ब्लॉग अच्छा परफॉर्म नहीं कर पाती। लेकिन आपको चिन्ता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि On Page SEO इसका समाधान है। On Page SEO के ज़रिये आप अपनी वेबसाइट को सही तरीके से ऑप्टिमाइज़ करके आसानी से और सही तरिके से रैंक करवा सकते है। और इंटरनेट पर अपनी बेहतरीन visibility बना सकते है।

On Page SEO में समय समय पर बदलाव होते रहते है या यूँ कहे google अपने जो algorithms update करता है वह इन्ही On Page SEO की activities के आधार पर करता है। algorithms एक तरह से गूगल के द्वारा बनाये गए  कुछ rules and guidelines है जिन्हे फॉलो करके हम On Page SEO करते है। गूगल समय समय पर अपने algorithms में बदलाव करता रहता है क्योंकि वह अपने viewers को best result प्रदान करना चाहता है। इसलिए वह अपने algorithms को समय समय पर अपडेट करता रहता है। गूगल द्वारा किये गए बड़े बड़े अपडेटस जैसे- Panda, Hummingbird, Penguin या चाहे Rankbrain update हो यह मुख्य है।

On Page SEO के ऐसी तकनीक है जिसके जरिये हम अपने ब्लॉग या वेबसाइट को इस तरह से ऑप्टिमाइज़ करते है या बनाते है ताकि वह आसानी से टॉप पर रैंक कर पाए टॉप पर रैंक होने पर ज्यादा ज्यादा से ट्रैफिक बढ़ेगी।

On Page SEO एक तरह से SEO का ही एक मुख्य फैक्टर है। SEO के मुख्यत तीन फैक्टर्स है, On Page SEO,  Off Page SEO और Technical SEO. यही वह तीन फैक्टर्स है जिन के ऊपर हमारी वेबसाइट की रैंकिंग निर्भर करती है है इनके बिना आप न तो वेबसाइट को रैंक करवा सकते है न वेबसाइट पर ट्रैफिक ला सकते है। On Page SEO जैसा की नाम से ही पता चलता है इसे हमे अपनी वेबसाइट के ऊपर करना करना होता है यानि इसके वेबसाइट के अंदर करना होता है। Off Page SEO को हमे वेबसाइट के बहार करते है जिसमे हम वेबसाइट के लिए backlinks create करते है और Technical SEO में हम वेबसाइट के Technical factor पर काम करते है। 

हमारी वेबसाइट पर हमने SEO क्या है और कैसे करे वाले आर्टिकल में On Page SEO क्या है के बारे में थोड़ी बहुत जानकारी दी थी। इस आर्टिकल में हम On Page SEO की सभी Complete Techniques के बारे में जानेंगे की On Page SEO क्या है और इसे कैसे किया जाता है। तो चलिए समझते हैं की अपनी वेबसाइट या ब्लॉग को कैसे ऑप्टिमाइज़ करे।   

On Page SEO क्या है What is On Page SEO in Hindi

On Page SEO एक ऐसी तकनीक है जिसमे हम अपनी वेबसाइट या web pages के errors and issues को इस तरह से optimize (सुधारते) है जिससे की वह किसी भी सर्च इंजन पर टॉप पर रैंक कर सके। web pages को सुधारने के process को ही On Page SEO कहा जाता है।

On Page SEO

On Page SEO के कई फैक्टर्स होते है जैसे आपका Content Unique होना चाहिए, header पर खास ध्यान देना, वेबसाइट का structure, इसी तरह की और भी काफी activities होती है जिनको हम एक-एक करके समझेंगे और कैसे इन activities को आसानी से समझकर अपनी वेबसाइट पर implement करेंगे। अगर मैं सही मायनो में कहु की अगर आप On Page SEO की activities को सही तरीके से किया जाये तो आपका ब्लॉग 100% टॉप पर रैंक करेगा।

On Page SEO कैसे करे

On Page SEO करने की कई techniques है या आप कह सकते है की activities है जिसको हम वेबसाइट पर implement करके अपनी वेबसाइट के errors and issues को सुधारकर अपनी वेबसाइट को improve कर सकते है। improvement होगी तो वह बेशक रैंक करेगी। 

On Page SEO को हमे वेबसाइट के अंदर करना होता है यानि वेबसाइट के internal factor पर काम करना होता है, जैसे अच्छा और unique content लिखना, वेबसाइट का structure कैसा होना चाहिए, गूगल के rules को फॉलो करना इत्यादि। जब भी आप On Page SEO करे तो सभी activities को ध्यान से करे ताकि आपको बाद में किसी दिक्कत का सामना न करना पड़े। आगे हम On Page SEO की सभी activities को एक-एक करके देखेंगे।

On Page SEO जरूरी क्यों है? 

जैसा की मैंने आपको पहले भी बताया की गूगल अपने viewers को बेस्ट result देना चाहता है। वह अपने viewers का बहुत ख्याल रखता है। इसीलिए वह अपने algorithms में बार बार बदलाव करता रहता है जिनसे उसके viewers को कोई परेशानी न हो। On Page SEO activities भी इन्ही algorithms पर आधारित है। अगर मैं साधारण भाषा में कहु तो On Page SEO activities एक तरह से google के rules है जिन्हे फॉलो करके हम अपनी वेबसाइट की रैंकिंग सुधारते है।  

उदाहरण के तौर पर मान लीजिये आपने अपनी वेबसाइट बनाये और उसमे किसी दूसरी वेबसाइट का कंटेंट डाल दिया तो यह content duplicacy कहलाया जायेगा या बार बार keyword stuffing की या users आपकी वेबसाइट को access ही न कर पा रहे हो, या आपकी वेबसाइट खुलने में ज्यादा समय ले रही हो। इससे users को खराब experience जायेगा। और गूगल को लगेगा की आपकी वेबसाइट users को अच्छा experience नहीं दे पा रही। तो इन कमियों के कारण या तो वह आपकी वेबसाइट को penalize कर देगा या फिर रैंकिंग down कर देगा। इसका सीधा मतलब है की आप गूगल के rules को फॉलो किये बिना ही ब्लॉग लिख रहे है। और ऐसी unusual activities कर रहे है जिससे वेबसाइट जल्द से जल्द रैंक कर सके जो की SEO के नज़रिये से बिलकुल भी सही नहीं है।

अगर आप चाहते की आपकी वेबसाइट बिना किसी रूकावट के टॉप की रैंकिंग में बनी रहे तो उसके लिए On Page SEO बहुत जरुरी है। अब तो आप समझ गए होंगे की On Page SEO क्यों जरुरी है।

On Page SEO Techniques in Hindi

चलिए अब हम On Page SEO की जो बेस्ट Techniques है उनके बारे में बात करते है। जिनके जरिये हम अपनी वेबसाइट या ब्लॉग को रैंक करवाएंगे। इसमें हमने On Page SEO बिलकुल आसान तरीके से व एक एक स्टेप अच्छे तरीके से समझाया है। जिसको की आप आसानी से समझ सके और अपनी वेबसाइट पर implement कर सके। ताकि आप बिना किसी परेशानी व रुकावट के अपना ब्लॉग रैंक करवा पाए। तो चलिए इन बेस्ट techniques के बारे में बात करते है।

1. Keyword Research  

On Page SEO की सबसे पहली और महत्वपूर्ण activity keyword रिसर्च है। क्योंकि जब हम अपना ब्लॉग शुरू करते है तो हम पूरा ब्लॉग कीवर्ड्स के आधार पर ही लिखते है। On Page SEO  Keyword Research एक ऐसी प्रक्रिया जिसमे हम अपनी पोस्ट के लिए targeted keywords और popular keywords को add  करके अपना ब्लॉग लिखते है ताकि वह इन कीवर्ड के आधार पर रैंक कर सके। हमेशा ध्यान रखे की आप जिस भी टॉपिक पर आर्टिकल लिख रहे है उसकी कीवर्ड रिसर्च अच्छे से करे।

Keyword Research करते वक़त ध्यान रखे की कीवर्ड पॉपुलर हो और उसके monthly searches भी ज्यादा हो। अगर आपकी वेबसाइट नयी है तो low competition वाले कीवर्ड्स पर ही focus करे जिससे जल्दी से जल्दी रैंक होने की सम्भावना बढ़ेगी। जो भी कीवर्ड आप अपनी पोस्ट में डालेंगे और जब  कोई user उससे सबंधित query करेगा तो आपकी पोस्ट के SERP में visible होने की सम्भावन ज्यादा होगी। आप Keyword Research के लिए google keyword planner, Semrush, या Ubersuggest  का इस्तेमाल कर सकते है।

2. Title Tag और Meta Tag को optimize करे  

a) Title Tag  :

Title Tag वह होता जब आप कुछ भी गूगल पर सर्च करते है तब गूगल आपको SERP में कुछ results दिखाता है। उसमे जो वेबसाइटस दिखाई देती है उनमे पोस्ट का title show होता है। जो यह दर्शाता है की आपकी पोस्ट किस बारे में है।

jab भी आप अपनी पोस्ट के लिए title लिखे तो title की शुरुआत में keywords जरूर डाले। उसके बाद आप सपोर्टेड कीवर्ड्स डाल सकते है। क्योंकि  आपका title रैंकिंग में अहम भूमिका निभाता है। क्योंकि गूगल के crawlers इसे सबसे पहले crawl करते है कि आपने वह पोस्ट किस बारे में लिखी है और उसमे targeted keywords क्या है यानि आपका main keyword क्या है। जिसके ज़रिये वह अपने viewers को related result दिखा सके। जब भी आप title लिखे तो title tag की length 55 से 65 के बीच ही रखे। नहीं तो रैंकिंग में दिक्कत आ सकती है।

On Page SEO

b) Meta Tag या Meta Tag Description :

यह आपके ब्लॉग पोस्ट का एक short description होता है जो title के बिलकुल नीचे लिखा होता है। इसमें भी अपने टार्गेटेड कीवर्ड को जरूर add करे और आप चाहे तो एक या दो कीवर्ड्स को जोड़कर description लिख सकते है। meta tag की length हमेशा 155 से ज्यादा न रखे। जिससे की आपको बाद में रैंकिंग में कोई दिक्कत न हो। क्योंकि अगर आप लंबा Description लिखेंगे तो वह SERP में पूरा नहीं दिखाई देगा।

3. हमेशा content की Quality पर ध्यान दे

आपने यह तो सुना होगा की Content is King यानी (आपका कंटेंट ही सब कुछ है आप जितना unique और Quality कंटेंट लिखेंगे आपके रैंकिंग की सम्भावना उतनी ही ज्यादा बढ़ जाती है।) यह बात इसी पर लागू होती है। अगर आप quality और unique कंटेंट लिखते हो उससे user का experience बेहतर होगा। अगर आपकी वेबसाइट पर low quality content होगा और वह users को engange नहीं कर पाता तो user आपका कंटेंट पढ़ने के बजाए थोड़ी देर में बाहर आ जायेगा जिससे गूगल को यह indication जायेगा की आपका कंटेंट low quality का है और गूगल low quality कंटेंट को कभी भी रैंक नहीं करता। हमेशा fresh और interested कंटेंट लिखे जिससे की गूगल और users की नज़रो में आपकी वेबसाइट की authority बनी रहे। 

4. Content की Length कितनी होनी चाहिए 

ब्लॉग लिखते वक़त आपको यह पता होना चाहिए की ब्लॉग की रैंकिंग के लिए कंटेंट की length कितनी होनी चाहिए। अच्छे ब्लॉग पोस्ट के कंटेंट की length कम से कम 2500 words होना जरूरी है।

On Page SEO

इसे आप ऐसे भी समझ सकते है जैसे आप जिस भी topic पर लिख रहे है तो उससे सबंधित टॉप की 4 या 5 वेबसाइटस को open करके देखे और फिर आप उन ब्लॉग पोस्टस के कंटेंट की length देख सकते है की उन्होंने कितने words का कंटेंट लिखा है। इससे आपको एक अच्छा ख़ासा idea लग जाएगा। अगर आप ब्लॉग के कंटेंट को संक्षिप्त तरिके से लिखेंगे तो आपका कंटेंट अपने आप 2500 words का हो जायेगा।

5. आपकी वेबसाइट Web Responsive होनी चाहिए 

यहाँ पर web responsive से तात्पर्य है की आपकी वेबसाइट Mobile Friendly होनी चाहिए। यानि आपकी वेबसाइट का Layout Desktop, Tablet, और Mobile पर सही होना चाहिए। mobile पर सबसे ज्यादा लोग इंटरनेट का उपयोग करते है। आपकी वेबसाइट Mobile Friendly होनी चाहिए जिससे user का experience भी अच्छा होगा। गूगल इस पर सबसे ज्यादा ध्यान देता है। इंटरनेट पर आपको बहुत सी themes मिल जाएँगी जो पहले से ही Mobile Friendly होती है।

6. हमेशा Image को नाम दे (Image Alt Tag)

आप जब भी अपनी वेबसाइट पर कोई image upload करे तो उसे नाम जरूर दे। अगर आप उसे बिना नाम दिए upload कर देंगे तो गूगल के जो crawlers है वह समझ नहीं पाएंगे की यह image किस बारे में है जिसकी वजह से वह उसे crawl नहीं कर पाएंगे। क्योंकि गूगल के crawlers image read नहीं कर सकते। अगर आप उस image को नाम देंगे तो गूगल के crawlers समझ पाएंगे की यह image किस बारे में है और crawl करके अपने डेटाबेस में स्टोर कर लेगा। जो की SEO के नज़रिये से बहुत ही महत्वपूर्ण है।

7. हमेशा SEO Friendly URL बनाये 

जब भी कोई पोस्ट बनाये तो उसके URL को हमेशा SEO Friendly URL बनाये। अपनी पोस्ट के URL में कीवर्ड जरूर डाले। आपका URL हमेशा static होना चाहिए जो की रैंकिंग का एक महत्वपूर्ण फैक्टर है। अगर आप confused हो की SEO Friendly URL क्या होता है तो मैं आपको बताता हूं।

उदहारण :

Static URL ( SEO Friendly URL )

www.yourdomain.com/what-is-seo-in-hindi ( हमेशा URL के बीच (-) (/) का प्रयोग करे ) 

Dynamic URL ( Not SEO Friendly URL )

www.yourdomain.com/what=is+seo?in+hindi/5236

अगर आप इस तरह का URL create करते है तो यह SEO के नज़रिये से सही नहीं है। आप जितनी भी कोशिश कर ले आपको रैंक करने में परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

8. Heading Tag का उचित ढंग से उपयोग करे

H1 tag ब्लॉग की रैंकिंग के लिहाज़ से बहुत महत्वपूर्ण है। यह सर्च इंजन को बताता है की आपका ब्लॉग किस बारे में है। वैसे आपके ब्लॉग का title ही H1 tag होता है। H1 tag में keywords को सही तरीके से लगाए। एक ब्लॉग पोस्ट में केवल एक ही H1 tag होना चाहिए।

9. Post में Internal Linking जरूर करे

अपनी वेबसाइट के ब्लॉग पोस्ट्स में internal linking जरूर करे। नए ब्लॉग पोस्ट में पुराने ब्लॉग पोस्ट का inter linking करना महत्वपूर्ण होता है। इससे user आपकी वेबसाइट पर ज्यादा समय तक रहता है। क्योंकि जब वह आपका ब्लॉग पोस्ट पढ़ रहा होगा और जो अगर अपने दूसरी पोस्ट का लिंक भी उसी पोस्ट में दिया होगा और अगर उसे वह useful लगा तो उस पर क्लिक करके दूसरी पोस्ट पर जा सकता है। जिससे user engagement बढ़ता है और टाइम भी increase होता है। इससे गूगल की नज़रो में positive indication जाता है की आप कितनी देर तक user को engage करके रख पा रहे हो। internal linking में हमेशा title tag का इस्तेमाल करे जिससे आसानी से लिंक optimize हो सके।

10. Website की Loading Speed पर दे खास ध्यान

यह सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात की जब भी कोई user आपकी वेबसाइट पर click करे तो वह 2 से 3 सेकंड के अंदर अंदर खुल जानी चाहिए। अगर आपकी वेबसाइट अधिक समय लेती है तो इससे user परेशान होकर दूसरी वेबसाइट पर चला जाता है। जिससे bounce rate बढ़ता है। bounce rate बढ़ने से आपकी वेबसाइट पर negative impact पड़ता है। जिससे आपकी वेबसाइट की रैंकिंग धीरे-धीरे down हो जाती है।

इंटरनेट पर कई ऐसे टूल्स है जिसके जरिये आप अपनी वेबसाइट की loading speed चेक कर सकते हो। जैसे – GT Matrix, google का page speed insight tool. आप इन टूल्स की मदद से अपनी वेबसाइट की स्पीड चेक कर सकते है और उसमे जो जो कमियां है उन्हें देखकर ठीक कर सकते हो।

11. Broken Links हमेशा करे Check

आपकी वेबसाइट में जो भी internal links और external links है उन्हें जरूर चेक करे। की कही वह broken तो नहीं। broken का मतलब अपने जो links एक ब्लॉग से दूसरे ब्लॉग में attach कर रखे है या किसी दूसरी वेबसाइट में external links लगाए हुए है वह proper काम कर रहे है या नहीं।

आप इसे ऐसे समझ सकते मान लीजिये किसी दूसरी वेबसाइट की पोस्ट का लिंक आपकी वेबसाइट पर लगा हुआ है और अगर उस वेबसाइट के owner ने वह पोस्ट ही delete कर दी हो और जब कोई user उस लिंक पर क्लिक करके उस पोस्ट पर जाना चाहेगा तो उसे page does not exists बताएगा। जिससे user engagement पर negative impact पड़ेगा। broken links चेक करने के लिए इंटरनेट पर काफी सारे टूल्स है जिनकी मदद से आप अपनी वेबसाइट के broken links चेक कर सकते हो।

12. Keyword Density पर दे खास ध्यान 

keyword density का मतलब है की आप अपनी पोस्ट में कितनी बार अपने main keyword का उपयोग करते हो। जब भी आप पोस्ट लिखे तो ध्यान दे की keyword density हमेशा 2-3% ही होनी चाहिए। अगर इससे ज्यादा होती है तो यह keyword stuffing की श्रेणी में आता है। बार बार पोस्ट में keywords को जबरदस्ती डालना की जिससे पोस्ट जल्दी रैंक हो सके इसे ही keyword stuffing कहते है। यह SEO के नज़रिये से बिलकुल भी सही नहीं है।

उदाहरण : मान लीजिये अपने एक ब्लॉग पोस्ट में 100 words  लिखे तो आप उसमे 2 से 3 बार ही अपना main keyword डाल सकते है।

13. अच्छे से Keyword Research करने के बाद ही content लिखे

जैसा की मैंने पहले आपको बताया की यह On Page SEO पहली और महत्वपूर्ण activity  है। अपने कंटेंट को आप तभी customize कर पाओगे जब आप सही से keyword research करोगे। सबसे पहले देखे की वह कीवर्ड कितना पॉपुलर है उसका monthly search volume कितना है यानी कितने लोग उस कीवर्ड को सर्च करते है।

नए वेबसाइट में ब्लॉग लिखते समय हमेशा long tail keywords का उपयोग करना चाहिए क्योंकि long tail keywords का competition low होता  है जिसमे की आपकी  वेबसाइट के रैंक करने की संभावना बढ़ जाती है।

14. पोस्ट में External Links का प्रयोग जरूर करे

अपने ब्लॉग में external links का इस्तेमाल जरूर करे। आप अपने topic से सबंधित वेबसाइटस का लिंक्स दे सकते है। इससे user trust बढ़ता है। अगर कोई यूजर आपकी पोस्ट पढ़ते पढ़ते और कही बीच में अपने किसी दूसरी वेबसाइट के ब्लॉग पोस्ट का लिंक दिया होगा और अगर उसे वह useful लगा तो वह उस पर जा सकता है इसका मतलब user जो चाहता था आपने उसमे उसकी मदद की इससे user trust बढ़ता है।

External Links देते वक्त इन बातों का रखे खास ख्याल  

  • वह वेबसाइट Spammy नहीं होनी चाहिए 
  • अपने topic से सबंधित वेबसाइट का ही लिंक दे
  • कोई भी broken link न हो
  • untrusted links नहीं देना चाहिए
  • anchor text और ब्लॉग पोस्ट का कंटेंट matching होना चाहिए

15. Site की Image को Customize जरूर करे

जब भी आप अपनी वेबसाइट पर कोई image या video upload करे तो ध्यान रहे की वह ज्यादा साइज की न हो। उन्हें हमेशा compress करके ही वेबसाइट पर डाले। अगर आप बड़े साइज़ की media files अपलोड करते है तो वेबसाइट heavy हो jayegi जिससे वेबसाइट की speed पर impact पड़ेगा। जितना हो सके कम size की और अच्छी quality की image ही डाले।  

16. अपनी वेबसाइट को Simple रखे

वेबसाइट हमेशा साफ़ और सिंपल होनी चाहिए अगर आपकी वेबसाइट साफ़ और simple होगी तो user भी आपकी वेबसाइट की तरफ attractive होगा वेबसाइट का color एक ही रखे और text के लिए बढ़िया से font का इस्तेमाल करे। जिसको user को पढ़ने में आसानी हो।

17. वेबसाइट में Social Sharing Buttons जरूर दे

अगर कोई user आपकी पोस्ट पढ़ता है और अगर उसे वह अच्छी लगी तो वह उसे जरूर शेयर करेगा। sharing एक बेहतरीन तरीका है। जितना आपकी वेबसाइट को social media platforms पर शेयर करेंगे आपको उतना ही ज्यादा उसका फायदा मिलेगा। यह वेबसाइट पर ट्रैफिक लाने का एक अच्छा तरीका है।

SEO Other Tips in Hindi 

वैसे तो मैंने आपको On Page SEO की सभी activities के बारे में बता दिया है। जो ऊपर की activities बताई है वह सभी main activities है। यहाँ मैं आपको  SEO की और अलग से टिप्स एंड ट्रिक्स बताऊंगा जिनकी मदद से आप और भी आसानी से रैंकिंग प्राप्त कर सकेंगे। आपको इन छोटी छोटी बातों का भी ध्यान रखना चाहिए तो चलिए देखते है।

  • अपनी वेबसाइट के कंटेंट को simple रखे
  • कंटेंट को हमेशा updated रखे
  • targeted keywords को कंटेंट के पहले 100 words में जरूर रखे
  • text के लिए बढ़िया font family का इस्तेमाल करे
  • कंटेंट के text का color एक ही रखे
  • अपने targeted keywords को जरूर bold करे
  • अपने ब्लॉग पोस्ट में images और videos का जरूर इस्तेमाल करे

On Page SEO की सबसे महत्वपूर्ण बात

जो भी बड़ी बड़ी वेबसाइट होती है या पुराने ब्लोगर्स होते है वह समय समय पर अपनी वेबसाइट को analyze करते रहते है। वैसे तो On Page SEO one time प्रोसेस है लेकिन आपको समय समय पर On Page SEO के आधार पर अपनी वेबसाइट को analyze करते रहना चाहिए। जिससे पता चल सके की हम अपनी वेबसाइट में ऐसा क्या कर सकते है जिसके की वह ज्यादा से ज्यादा improve हो सके और हम किन-किन तरीको से वेबसाइट पर ज्यादा से ज्यादा ट्रैफिक ला सकते है।

जैसे की मैंने पहले भी कहा की आपको updated रहना होता है आप जितने updated रहोगे आपको उसका उतना ही लाभ मिलेगा। क्योंकि user हर समय कुछ नया और fresh चाहता है। अगर आपकी वेबसाइट पर पुराना कंटेंट पड़ा होगा और अगर user उस topic से सबंधित कुछ latest information ढूंढ रहा होगा अगर आपका कंटेंट पुराना होगा तो user आपकी वेबसाइट से engage नहीं हो पायेगा। इससे वेबसाइट की ट्रैफिक पर असर पड़ेगा। 

तो आपको हमेशा ध्यान रखना है की अपनी पोस्ट मे कुछ न कुछ अपडेट करते रहे और latest information के बारे में ज्यादा ज्यादा रिसर्च करते रहे। On Page SEO के बारे में latest information लेते रहे।

निष्कर्ष : What is On Page SEO in Hindi

जब भी आप अपनी वेबसाइट पर कोई कंटेंट publish करे तो यह सोचकर करे की उससे user को क्या useful information मिलेगी या नहीं। क्योंकि Google भी सबसे पहले अपने Viewer को ही प्राथमिकता देता है। इसलिए हमेशा सोच समझकर और useful content लिखे। 

मै आशा करता हूँ, की आपको On Page SEO  क्या है, के बारे में आपको महत्वपूर्ण जानकारी मिली होगी। अगर आपको इस topic से सम्बंधित कोई भी सवाल या जवाब है , तो आप Comment में पूछ सकते है। मै अपने तरफ से कोशिश करुगा आपके सवालों के जवाब देने के। इस पोस्ट के बारे मे अपने सुझाव Comment करके जरूर बताये। धन्यवाद।