Technical SEO क्या है? कैसे करते है 14 Important Technical SEO Checklist

Technical SEO क्या है? (What is Technical SEO in Hindi) यह तो आप जानते होंगे।  लेकिन जब भी हम SEO  के बारे में बात करते हैं  तो हम ज्यादातर On Page SEO और Off Page SEO बारे में बात करते हैं। लेकिन Technical SEO की तरफ ज्यादा ध्यान नहीं देते । ज्यादातर ब्लॉगर यही गलती कर देते हैं।  लेकिन SEO में Technical SEO बहुत महत्वपूर्ण होता है।

जितना आप की वेबसाइट के लिए On Page SEO और Off Page SEO जरूरी है। उतना ही ज्यादा महत्वपूर्ण Technical SEO है। जैसे आपको अपनी वेबसाइट को किसी भी सर्च इंजन पर rank करवाना है। तो Technical SEO महत्वपूर्ण है। क्योंकि वेबसाइट पर Technical error आने से वेबसाइट की रैंकिंग पर असर पड़ सकता है।

जैसे आपने अपनी वेबसाइट पर बढ़िया सा यूनीक कंटेंट लिखा है। और backlinks को भी बनाए। अगर वह इंडेक्स नहीं हो रहा है यार रैंक नहीं हो रहा है तो समझ ले कि आपकी वेबसाइट में कोई Technical दिक्कत है। जिसको आप Technical SEO करके सुधार सकते हैं।

आइए जानते हैं Technical SEO क्या है और कैसे करते हैं आगे हम Technical महत्वपूर्ण कॉम्पोनेंट्स भी देखेंगे।

यह आर्टिकल बहुत ही इंटरेस्टिंग होने वाला है इसमें मैंने Technical SEO कि बेस्ट techniques के बारे में विस्तार से बताया है। किसी भी पॉइंट को मिस मत करिए तो चलिए समझते हैं What is Technical SEO in Hindi क्या है।

Technical SEO in Hindi

1. Technical SEO क्या है? (What is Technical SEO in Hindi)

Technical ऐसी हो एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें हम वेबसाइट का SEO कर Technical दिक्कतों में सुधार करते हैं। ताकि गूगल सर्च इंजन हमारी वेबसाइट को crawl कर सके और उसे आसानी से index कर सके। वेबसाइट का Technical सुधार कर्म किसी भी सर्च इंजन को हमारी वेबसाइट को आसानी से crawl और index करने में मदद करते हैं।

Technical SEO On Page SEO और Off Page SEO से बिल्कुल अलग है। जैसे वेबसाइट पर sitemap submit करना, website speed, crawling और indexing पर ध्यान दिया जाता है।

Technical SEO में आपकी वेबसाइट को crawling, indexing और रैंकिंग के लिए ऑप्टिमाइज किया जाता है। ताकि गूगल को आपकी वेबसाइट के Structure को समझने में कोई दिक्कत ना हो। और वह आसानी से Index होकर SERP पर दिखाई  दे सके।

Technical SEO में आपको वेबसाइट को इस तरह से ऑप्टिमाइज करना होता है। ताकि गूगल के crawlers आपकी वेबसाइट को आसानी से crawl, index और रैंकिंग दे सके।

दूसरे शब्दों में Technical SEO में वेबसाइट की Technical चीजें की आती है। जिनको आप को ठीक करना होता है। संक्षेप में जो आप अपनी वेबसाइट की  रैंकिंग के लिए वेबसाइट के Technical error ठीक करते हैं उसे Technical SEO कहते हैं।

2. Technical SEO जरूरी क्यों है? (Why is Technical SEO Important in Hind)

चलिए मान लीजिए आप ने अपनी वेबसाइट का On Page SEO और Off Page SEO काफी अच्छे से किया। और आप अपनी वेबसाइट को गूगल पर दिखाना चाहते हैं वह ना तो crawl हो रही है और ना index।  तो वह SERP  पर कैसे show होगी।  आपकी वेबसाइट rank ही नहीं कर पाएगी।  तो आपकी सारी मेहनत पानी में चली जाएगी। इसलिए Technical SEO बहुत महत्वपूर्ण है।

3. Important Technical SEO Checklist 

Website का Technical SEO कैसे करें? Top 14 Technical SEO Checklist

  • Domain Name और Hosting  क्या है?
  • CDN क्या है?
  • SSL Certificate Kya Hai?
  • Website को Mobile Friendly बनाए
  • Website Loading Speed कैसे कम करें?
  • Web Indexing क्या है?
  • XML Sitemap क्या है?
  • Amp क्या है?
  • Google Search Console क्या है?
  • Robot.Txt File क्या है? 
  • Canonical Issue क्या है?
  • Broken Links क्या है?
  • Website Design और Structure क्या है? 
  • Server Location क्या है?

Website के Technical Error को Improve करने के लिए 14 Technical SEO Important Checklist को समझना जरूरी है। कोई भी Step मिस मत करिएगा। सभी चीजों को ध्यान से पढ़िए।

1. Domain Name और Hosting क्या है?

Domain Name:- आपके वेबसाइट के नाम को ही डोमेन नेम कहते हैं। जैसे rajeevkalia.com  मेरी वेबसाइट का डोमेन है। यह एक तरह से वेबसाइट का पता होता है। जिसकी सहायता से यूजर आपकी वेबसाइट तक पहुंचते हैं।

वैसे तो इंटरनेट पर अनगिनत डोमेन नेम है। जैसे ।com, .in, .xyz, .club, .edu, .store  इत्यादि। इन्हें extension बोला जाता है।  सबसे ज्यादा यूज होने वाला extension .com  है।

 Web Hosting:- आपकी वेबसाइट का जितना भी डाटा होता है वह एक सर्वर पर होस्ट होता है। उस सर्वर को Web Hosting बोलते हैं। यह एक हार्ड ड्राइव में स्टोर होता है इसके जरिए आप भी अपनी वेबसाइट को खुद के कंप्यूटर पर होस्ट कर सकते है।

वेबसाइट सर्वर  की भी एक लिमिट होती है। यह वेबसाइट के साइज और आपकी वेबसाइट पर कितना ट्रैफिक आ रहा है उस पर निर्भर करता है।  इसमें कई तरह की होस्टिंग होती है जैसे: VPS, Managed, Fresher।  आप इनमें से कोई भी होस्टिंग जरूरत के हिसाब से चुन सकते हैं। अगर आप नए हैं और वेबसाइट बनाने की सोच रहे हैं  तो आपके लिए Shared Hosting सबसे बेस्ट रहेगी। क्योंकि यह काफी सस्ती होती है।

2. CDN क्या है?

CDN की फुल फॉर्म है Content Delivery Networkएक तरह से Servers का ग्रुप होता है । जो कि आपकी वेबसाइट के सारे Assets को काफी fast load  कर देते हैं।

यह आपकी वेबसाइट को खतरनाक साइबर अटैक से बचाता है आप इसे फ्री में यूज कर सकते हैं Google Cloudflare  की मदद से।

3. SSL Certificate Kya Hai?

आपकी वेबसाइट में SSL Certificate  होना अति आवश्यक है यह वेबसाइट का महत्वपूर्ण फैक्टर है। SSL Certificate  को TLS Certificate  भी कहते हैं आप अपनी वेबसाइट में जब SSL Certificate Install करते हैं तो यह आपकी वेबसाइट को HTTP  से HTTPS की तरफ move कर देता है।

आपने देखा होगा जब भी आप कोई वेबसाइट ओपन करते हैं उसके डोमेन नेम के आगे  एक lock का Symbol होता है। जिसका मतलब होता है यह वेबसाइट safe  है यानी कि secure  है।  आप इस वेबसाइट को यूज कर सकते हैं।

क्योंकि अगर कोई यूज़र आपकी वेबसाइट पर आता है और उसको अपनी वेबसाइट के Domain  के आगे lock का सिंबल नहीं दिखेगा तो वह  यह समझेगा की यह वेबसाइट secure नहीं है। और आपकी वेबसाइट से exit हो जाएगा। SSL Certificate  के लिए आप अपनी होस्टिंग कंपनी से संपर्क कर सकते हैं।

4. Website को Mobile Friendly बनाए।

इंटरनेट का उपयोग सबसे ज्यादा लोग मोबाइल पर करते हैं। पूरी दुनिया में लगभग 80 से 90% लोग इंटरनेट का उपयोग मोबाइल पर करते हैं। गूगल इस बात पर सबसे ज्यादा ध्यान देता है कि आपकी वेबसाइट Mobile Friendly  होनी चाहिए। आपकी वेबसाइट का Mobile Friendly होने का मतलब है कि आपकी वेबसाइट आपके यूजर्स को अच्छी तरह से समझ में आए text  या design  इधर उधर ना खीसके।

अगर आपकी वेबसाइट यूजर को अच्छी लगेगी तो आपके website  के rank  होने के चांस ज्यादा है।  आप अपनी वेबसाइट को Mobile Friendly बनाने के लिए अच्छी सी Theme का उपयोग कर सकते हैं।  हमेशा ही Mobile Friendly Theme  का उपयोग करें।

5. Website Loading Speed कैसे कम करें?

आपने कई बार देखा होगा जब भी आप किसी वेबसाइट को विजिट करते हैं वह कई बार लोड ही नहीं हो पाती तो आप दुखी होकर उस वेबसाइट को छोड़कर दूसरी वेबसाइट पर चले जाते हैं।

यह आपकी वेबसाइट के साथ भी हो सकता है। अगर कोई यूजर अपनी वेबसाइट को विजिट करता है और आपकी वेबसाइट ओपन ही नहीं होगी तो वह यूज़र आपकी वेबसाइट को छोड़कर दूसरी वेबसाइट पर move हो जाएगा। जिससे आपकी वेबसाइट का ट्राफिक कम होगा। User Experience खराब होगा। और आपकी वेबसाइट रैंकिंग  भी कम हो सकती है।

जब भी कोई User आपकी वेबसाइट को खोले तो वह कम से कम 2 से 3 सेकेंड के अंदर ओपन होनी चाहिए। आप अपनी वेबसाइट की स्पीड बढ़ाने के लिए Lazy Load, WP Cache, जैसे Plugins का उपयोग कर सकते हैं।

6. Web Indexing क्या है?

अगर आपको अपनी वेबसाइट को गूगल या किसी अन्य सर्च इंजन पर  दिखाना  है तो उसके लिए आप की वेबसाइट Index होनी चाहिए। आप अपनी वेबसाइट को Index करने के लिए Google Search Console का उपयोग कर सकते हैं।

सबसे पहले Google Search Console  पर जाएं जिस Web Page या Post  को आप index करवाना चाहते हैं  उस Web Page  या Post  का URL  को Google Search Console  के URL Inspection  वाले Search Bar मे  डालें और enter  दबाएं।

इसके बाद Request Indexing  के option पर click  करें।  इससे आपकी वेबसाइट की Indexing  की Request Submit  हो जाएगी।

Note – वेबसाइट को Index होने में कम से कम 24 घंटे लग  सकते हैं। या उससे ज्यादा लग सकते हैं।

7. XML Sitemap क्या है?

आपकी  वेबसाइट में Sitemap  होना बहुत जरूरी है। Sitemap  एक तरह से map  होता है।  इसमें हमारी वेबसाइट के Pages, Posts, Categories  इत्यादि होती है। जिससे कि गूगल के crawlers को समझने में आसानी हो। आप  इसे  Google Search Console के जरिए submit  कर सकते हैं।

सबसे पहले  Google Search Console में जाएं। Sitemap वाले ऑप्शन पर क्लिक करें।  वहां पर आपकी वेबसाइट का नाम पहले से ही होगा आपको सिर्फ Sitemap.xml  डालना है और Submit वाले ऑप्शन पर क्लिक करना है।  आपका Sitemap Submit  हो जाएगा।

8. Amp क्या है?

AMP का फुल फॉर्म है, (Accelerated Mobile Pages) होता है। गूगल द्वारा लांच किया गया एक Free HTML Framework है।  इसे Mobile Users  के लिए बनाया गया था। इसको लांच करने का मकसद यूजर्स को अच्छा एक्सपीरियंस प्रदान करना है क्योंकि जब आप अपनी वेबसाइट पर AMP Plugin Install  करते हैं  तो इससे आपकी आपकी वेबसाइट फास्ट लोड होती है।

जब आप इस Plugin  को  इंस्टॉल करते हैं तो आपकी वेबसाइट को AMP  में Convert कर देता है।  जिससे जब आप अपनी वेबसाइट को खोलेंगे तो  यह Same दिखती है  पर मोबाइल पर अलग दिखाई देती है।

9. Google Search Console क्या है?

गूगल के SERP  में अगर आपको वेबसाइट को  दिखाना है तो उसके लिए आपको अपनी वेबसाइट को Google Search Console में सबमिट करना होगा। इससे आपको आपकी वेबसाइट से रिलेटेड सभी Technical चीजों की जानकारी मिलेगी Technical SEO का 60% से 70% कार्य Google Search Console से संबंधित है।

10. Robot.Txt File क्या है?

Robot.Txt यह एक तरह की Text File  होती है। यह Search Engine Crawlers को बताती है कि आपकी वेबसाइट के कौन-कौन से पेज या पोस्ट को Crawl करना है और कौन-कौन से को नहीं।

उदाहरण:  अगर आप चाहते हैं कि आपकी वेबसाइट के पेज जैसे : About us, Contact US,  इत्यादि पेज Index  ना हो  तो आप उसे Robot.Txt File   में डाल सकते हैं

11. Canonical Issue क्या है?

जब एक ही वेबपेज के दो अलग-अलग यूआरएल बन जाते हैं उसे Canonical Tag  कहते हैं।  ऐसा तब होता है जब आप अपनी वेबसाइट के किसी पेज का यूआरएल चेंज कर देते हैं और पुराना यूआरएल Index रहता है। इसलिए गूगल उसको अलग अलग समझता है उसे 2 Web Page समझने लग जाता है।  इससे गूगल को यह लगता है कि आपके नए पेज का जो कंटेंट है वह पुराने पेज का कॉपी कंटेंट है। जिससे गूगल को यह समझ में नहीं आता कि कौन से पेज को Rank  करवाना है कौन से को नहीं।

canonical Issue

इसलिए Canonical Tag  के जरिए गूगल को बताना पड़ता है इस वेब पेज को Rank करना है। Canonical Tag  लगाने के लिए आप Yoast SEO  या Rank Math SEO जैसे Plugins  का उपयोग कर सकते हैं।

12. Broken Links क्या है?

Broken Links Issue तब आता है जब आप अपनी वेबसाइट का पेज या पोस्ट डिलीट कर देते हैं और जब कोई यूज़र उस वेब पेज या पोस्ट  पर जाने के लिए लिंक पर क्लिक करता है तो उसे 404 या Page not Found  दिखाई देता है।

इस तरह के Errors  से आपकी वेबसाइट पर Negative Impact पड़ता है। क्योंकि जब कोई यूजर उस लिंक पर क्लिक करेगा और उसे वह पोस्ट वहां नहीं मिलेगी तो वह वहां से exit कर जाएगा  इससे User Experience  खराब होता है।इस परेशानी से बचने के लिए अपने Deleted पेजेस को दूसरे पेजेस पर Redirect  कर ले।  अपनी वेबसाइट के Broken Links  चेक करने के लिए Broken Link Checker Tool  का उपयोग कर सकते हैं।

13. Technical SEO में Website Design और Structure क्या है?

अपनी वेबसाइट का डिजाइन अच्छा चुने आपके विजिटर्स को जो आपकी वेबसाइट का डिजाइन दिखाया जाता है उसे वेबसाइट डिजाइन  या Structure बोलते हैं। यह यूजर एक्सपीरियंस बढ़ाने में मदद करता है आपकी वेबसाइट का डिजाइन और Structure जितना अच्छा होगा उतना ही  यूज़र आकर्षित होगा और उसे आपकी वेबसाइट का कंटेंट पढ़ने में मजा आएगा।

पनी वेबसाइट में अच्छा डिजाइनिंग Import करें  ऐसा वैसा डिजाइनिंग Import ना करें।

Note – शुरुआत में डिजाइन यहां स्ट्रक्चर पर ज्यादा ध्यान ना दें अपनी वेबसाइट और वेबसाइट की स्पीड पर ध्यान दें। बाद में वेबसाइट का डिजाइन धीरे-धीरे चेंज कर सकते हैं।

14. Server Location क्या है?

Server Location वह Location होती है जहां से आप की वेबसाइट को होस्ट किया जाता है। Server Location हमेशा Audience Target  के हिसाब से चुने मान लीजिए आप USA की Audience  टारगेट कर रहे हैं तो US Based Server चुने। अगर आप India  की Audience Target  कर रहे हैं तो Asia  का Server Location  चुने। इससे यह फायदा होगा कि आपकी वेबसाइट Fast Load  होगी. और User Experience  भी अच्छा होगा।

निष्कर्ष : Technical SEO क्या है (What is Technical SEO In Hindi)

में आशा करता हूं कि आपको Technical SEO क्या है (What is Technical SEO In Hindi). Technical SEO कैसे करते हैं अच्छे से समझ में आया होगा। आपको अपनी वेबसाइट को किसी भी सर्च इंजन पर रन करवाने के लिए On Page SEO  और Off Page SEO  के साथ साथ Technical SEO  पर भी खास ध्यान देना होगा तभी आपकी वेबसाइट रन कर पाएगी अगर आप ऊपर दिए गए सभी Steps को अच्छे से फॉलो करेंगे  तो आपको पक्का सफलता मिलेगी. अगर आप इस आर्टिकल के ऊपर कोई भी सुझाव देना चाहते हैं तो आप हमें कमेंट बॉक्स में बता सकते हैं। धन्यवाद।

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